एक गुरु ने अपने शिष्य से कहा, "जाओ और अपने सबसे प्रिय मित्र की परीक्षा लो।" ...
एक गुरु ने अपने शिष्य से कहा, "जाओ और अपने सबसे प्रिय मित्र की परीक्षा लो।" शिष्य अपने मित्र के पास गया और छोटी-छोटी बातों पर उसे परखने लगा। पहले दोस्त ने मुस्कुराकर जवाब दिया, फिर धीरे-धीरे उसे बुरा लगने लगा। कुछ दिनों बाद मित्र ने कहा, "अगर तुम्हें मुझ पर भरोसा ही नहीं, तो इस दोस्ती का क्या अर्थ है?" तब शिष्य को अपनी गलती समझ आई। वह गुरु के पास लौटा। गुरु मुस्कुराए और बोले, "परखना मत, परख...
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